नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘चलो संसद’ मार्च संसद भवन (Parliament House) के निकट पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मिलने पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस मुलाकात के एजेंडे को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
दूसरी ओर, CJP पहले दावा कर चुकी है कि सरकार ने आंदोलन को लेकर उससे बातचीत शुरू की है। इसी घटनाक्रम के बीच संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अब भी भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने इससे पहले सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से कुछ समय के लिए अस्पताल छोड़कर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति भी मांगी थी। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने में सफल रहे और संसद भवन के आसपास के क्षेत्र तक पहुंच गए। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के संसद भवन के निकट पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया और पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा और सख्त कर दिया। इसी बीच, यह भी जानकारी सामने आई है कि कई प्रदर्शनकारी रेल भवन परिसर तक पहुंच गए। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र संसद भवन के सामने सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, लेकिन कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के चलते उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया। बैरिकेड पार करने में असफल रहने के बाद छात्र अपने अन्य साथियों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और सड़क खाली करने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर वहीं डटे रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्वक हटने के लिए कहा। हालांकि, बातचीत के बाद भी जब छात्र वहां से नहीं हटे, तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।


