कटी फसल भीगने और खड़ी मक्के के दाने काले पड़ने का डर, बटाईदार किसानों ने मुआवजा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अमृतपुर क्षेत्र में शनिवार रात से मौसम खराब रहने और रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने मक्का उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार और कटी पड़ी मक्के की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
कस्बा अमृतपुर निवासी किसान बृजपाल ने बताया कि बारिश के कारण खेतों में कटी पड़ी मक्का भीगकर खराब हो जाएगी, जबकि खड़ी फसल के दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि नमी आने से मक्के की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। वहीं खेतों में खड़ी फसल में जानवरों द्वारा नुकसान की संभावना भी बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि मक्के की खेती में अच्छी-खासी लागत आती है। यदि फसल की गुणवत्ता खराब हो गई तो उन्हें उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा और सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
अमृतपुर निवासी राकेश ने बताया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकार द्वारा मुआवजे की घोषणा की जाती है, लेकिन इसका लाभ अधिकांश बटाईदार किसानों तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करते हैं, उन्हें मुआवजा नहीं मिलता क्योंकि सरकारी सहायता का लाभ केवल भूमि स्वामी को मिलता है। ऐसे में वास्तविक नुकसान झेलने वाले कई किसान राहत से वंचित रह जाते हैं।
क्षेत्र के किसान गोविंद, शिवकुमार, दिलीप, मोहित और गुड्डू सहित अन्य किसानों ने भी लगातार हो रही बारिश से मक्के की फसल में भारी नुकसान की आशंका जताई है। किसानों ने प्रशासन से फसल का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने तथा पात्र किसानों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।


