मथुरा जिले के राल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो में अस्पताल के मरीजों के उपयोग के लिए उपलब्ध स्ट्रेचर का इस्तेमाल निर्माण सामग्री ढोने के लिए किया जाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में मजदूर स्ट्रेचर पर ईंटें लादकर निर्माण स्थल तक ले जाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने अस्पताल में संसाधनों के दुरुपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार, राल सीएचसी परिसर के एक हिस्से में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी और मजदूरों ने निर्माण सामग्री ले जाने के लिए अस्पताल के स्ट्रेचर को ही ट्रॉली की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि कई दिनों से मरीजों के लिए उपलब्ध यह आवश्यक उपकरण ईंटों और अन्य निर्माण सामग्री को ढोने में लगाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय ग्रामीण महेश सिंह का कहना है कि अस्पताल के संसाधनों का इस तरह दुरुपयोग करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि मरीजों की सुविधाओं के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि यदि किसी आपातकालीन स्थिति में मरीज को तत्काल स्ट्रेचर की आवश्यकता पड़ जाए और वह निर्माण कार्य में लगा हो, तो इससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि राल सीएचसी पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। हाल ही में 84 कोस परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को कथित तौर पर एक्सपायरी दवाएं वितरित किए जाने का मामला सामने आया था। इसके अलावा अस्पताल परिसर में एक्सपायरी दवाओं और पुराने दस्तावेजों में आग लगने की घटना भी सुर्खियों में रही थी। अब स्ट्रेचर से ईंटें ढोने का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है और वीडियो की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।


