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Tuesday, July 14, 2026

ब्लड बैंक में दलालों और अवैध वसूली के आरोपों पर डीएम डॉ. अंकुर लाठर सख्त

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– तीन सदस्यीय जांच समिति गठित; 3 दिन में मांगी रिपोर्ट

फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय के ब्लड बैंक में बिचौलियों की सक्रियता, रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध धन उगाही और संचालन में अनियमितताओं की शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जांच में रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध वसूली, दलालों की संलिप्तता या किसी अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डीएम के निर्देश पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की जाएगी। समिति ब्लड बैंक प्रभारी, चिकित्सकों, लैब टेक्नीशियन, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आवश्यक होने पर मरीजों और तीमारदारों के बयान दर्ज करेगी। साथ ही पिछले तीन माह के रक्तदाता पंजीकरण, रक्त निर्गमन, रिप्लेसमेंट डोनर, ब्लड स्टॉक और अन्य अभिलेखों का मिलान कर सत्यापन भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने ब्लड बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने, बाहरी और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास का पूरा रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ब्लड बैंक के बाहर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाने के भी आदेश दिए हैं, जिन पर स्पष्ट लिखा होगा कि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी को कोई धनराशि न दें और यदि कोई पैसे की मांग करे तो तत्काल अस्पताल प्रशासन या हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
इसके अलावा मरीजों और तीमारदारों को रक्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा पात्र लाभार्थियों को शासन की व्यवस्था के अनुसार निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीएम ने यह भी कहा कि ब्लड बैंक के सभी अधिकारी और कर्मचारी लिखित घोषणा-पत्र देंगे कि उनका किसी दलाल या अनधिकृत व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कोई संबंध नहीं है।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर बिंदुवार जांच रिपोर्ट, दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और ब्लड बैंक व्यवस्था में किए गए सुधारों की फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
ब्लड बैंक जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा में अनियमितताओं की शिकायतों पर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो इससे न केवल दोषियों पर कार्रवाई होगी बल्कि ब्लड बैंक व्यवस्था में जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।

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