बस्ती। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती में ₹504 करोड़ से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था, धार्मिक विरासत, शिक्षा और बिजली व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का चेहरा बदलते ही प्रदेश की तस्वीर बदल गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में 1,500 मंदिरों का पुनरोद्धार कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वही है और लोग भी वही हैं, लेकिन सरकार बदलने से परिणाम पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले जो धन कब्रिस्तानों के नाम पर खर्च होता था, अब उसका उपयोग विरासत के संरक्षण और विकास कार्यों में किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पहले वक्फ की जमीन के नाम पर गरीबों को परेशान किया जाता था और कथित तौर पर उनकी जमीनों पर कब्जे किए जाते थे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भूमि कब्जाने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ था। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि बस्ती में समाजवादी पार्टी के एक तत्कालीन जिला अध्यक्ष की जमीन पर भी कब्जा हो गया था और उनकी सरकार बनने के बाद ही वह कब्जा हटाया जा सका।
धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा, जिसकी शुरुआत मखौड़ा धाम से होती है, उसे पहले रोका जाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान “डबल इंजन सरकार” धार्मिक यात्राओं में बाधा नहीं डालती, बल्कि उन्हें सुचारु रूप से संपन्न कराने का काम करती है। उनके अनुसार, यह परिक्रमा पूरे अयोध्या क्षेत्र को जोड़ने का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर विकास की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के अन्य हिस्सों की उपेक्षा कर केवल सैफई पर ध्यान दिया जाता था। उन्होंने कहा कि गर्मी में प्रदेश के लोग बिजली के लिए परेशान रहते थे, जबकि सैफई में फिल्मी कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
राम मंदिर और धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा वही राजनीतिक दल थे, जो आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामभक्तों पर गोली चलवाई गई, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने जैसी घटनाएं हुईं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति खराब थी और नकल को बढ़ावा दिया जाता था, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने कहा कि “बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे, क्योंकि बिजली आती ही नहीं थी।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹504 करोड़ से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और कहा कि वर्तमान सरकार विकास, सुशासन, सांस्कृतिक विरासत और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।


