लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है। साइबर ठग अब ‘बॉस स्कैम’ के जरिए कंपनियों और संस्थानों के कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। इस नए फ्रॉड में जालसाज खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक, सीईओ या बॉस बताकर कर्मचारियों से तत्काल पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश करते हैं।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग पहले कंपनी और उसके अधिकारियों की जानकारी सोशल मीडिया या अन्य सार्वजनिक माध्यमों से जुटाते हैं। इसके बाद वे वरिष्ठ अधिकारी की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट या ई-मेल बनाते हैं। फिर कर्मचारी को संदेश भेजकर किसी जरूरी भुगतान, गोपनीय कार्य या आपात स्थिति का हवाला देते हुए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं।
कई मामलों में कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारी का आदेश समझकर बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से पैसे भेजने का निर्देश मिले तो पहले फोन या आमने-सामने संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। केवल व्हाट्सएप संदेश, ई-मेल या कॉल के आधार पर किसी भी खाते में धनराशि ट्रांसफर न करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘बॉस स्कैम’ तेजी से बढ़ता साइबर अपराध का नया ट्रेंड है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता, पहचान की पुष्टि और डिजिटल सुरक्षा नियमों का पालन करना है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।


