आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि कुछ ऑटो कंपनियों से यह कहलवाया गया कि ई-10 वाहनों में भी ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है, जबकि कंपनियों के ओनर मैनुअल में इससे अलग जानकारी दी गई है।
केजरीवाल ने कहा कि वह मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को पत्र लिखकर यह पूछेंगे कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अगले सप्ताह प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा जाएगा।
आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार ने ई-20 पेट्रोल को जल्दबाजी में व्यापक स्तर पर लागू किया है। उनका कहना है कि देश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे दोपहिया और चारपहिया वाहन हैं, जो ई-20 ईंधन के अनुरूप नहीं हैं और इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि ई-20 पेट्रोल के साथ-साथ ई-0 और ई-10 पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वाहन मालिक अपने वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें। फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


