पूर्व खुफिया अधिकारी बोले- वीडियो मणिपुर का, चीनी सेना का नहीं
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के कई किलोमीटर अंदर तक घुस आने के दावों के बीच भारतीय सेना ने ऐसी खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा किसी प्रकार का नया अतिक्रमण या शिविर स्थापित किए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। सेना ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं और भ्रामक वीडियो पर विश्वास न करने की अपील की है।
इस बीच, पूर्व खुफिया अधिकारी लकी बिष्ट ने भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वह वास्तविकता में मणिपुर के फयांग क्षेत्र का पुराना वीडियो है। उनके अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहे हथियारबंद लोग चीनी सेना के जवान नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के सदस्य बताए जा रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी घुसपैठ का मुद्दा उस समय चर्चा में आया जब एक स्थानीय जनजातीय संगठन ने दावा किया कि उसकी पारंपरिक चरागाह भूमि और वन क्षेत्र पर चीन की सेना का कब्जा हो गया है। हालांकि भारतीय सेना ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि सीमा पर स्थिति सामान्य है और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।


