लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को अलग-अलग कार्यक्रमों में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद को आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही प्रदेश में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, चीन सीमा, शिक्षा व्यवस्था और 2027 के विधानसभा चुनाव समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे से जुड़ा मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है तथा किसानों को खाद और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है और प्रदेश की जनता हर स्तर पर परेशान है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों पर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ सहित प्रदेश में दिखाई देने वाली अधिकांश बड़ी विकास परियोजनाएं समाजवादी सरकार की देन हैं, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें आगे बढ़ाने के बजाय बाधित किया।
पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक में अखिलेश यादव ने संगठन को मजबूत करने, सदस्यता अभियान तेज करने तथा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और परिसीमन व महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
इसी दौरान अखिलेश यादव ने वर्ष 2026 की सीबीएसई और यूपी बोर्ड परीक्षाओं में गोरखपुर जनपद के प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा और युवाओं का सशक्तिकरण समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है।


