लखनऊ। राजधानी में चार वर्षीय मासूम अहम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक तौर पर बच्चे के बाथरूम में गिरने की बात कही गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को हत्या की ओर मोड़ दिया है। पुलिस अब सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां पूनम गंभीर रूप से घायल हालत में उसे डॉ . राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसस लेकर पहुंची थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आरोप है कि पूनम अस्पताल से निकलकर अपनी बहन के घर चली गई।
पूछताछ के दौरान पूनम ने दावा किया कि नहाते समय बच्चा बाथरूम में गिर गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम में बच्चे के हाथ, पैर, सीने और पीठ पर कई चोटों के निशान मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर मौजूद चोटें किसी कठोर वस्तु से पिटाई या जोरदार प्रहार की ओर संकेत करती हैं। चिकित्सकों ने यह भी पाया कि बच्चे के पेट के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोटें थीं और शरीर पर मौजूद निशानों से ऐसा प्रतीत होता है कि उसे जमीन पर जोर से पटका गया हो।
मृतक बच्चे के पिता दिनेश ने भी अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि पूनम अपने पति दिनेश से अलग रह रही थी और मड़ियांव क्षेत्र में निवास कर रही थी। पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चार वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


