फर्रुखाबाद। नौ साल पहले नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है दोषी पर 40 हजार रूपये जुर्माना भी लगाया है दोषी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने गांव के ही दंपति, उसके पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ पुत्री के अपहरण और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 23 अप्रैल 2017 की शाम वह अपनी बड़ी पुत्री को घर पर अकेला छोड़कर खेत पर काम करने गई थी। जब वह वापस लौटी तो उसकी नाबालिग बेटी घर से गायब थी। घर से सोने-चांदी के जेवर और 74 हजार रुपये नकद भी गायब थे। ग्रामीणों ने परिजनों को बताया कि उन्होंने आरोपी आनन्द शाक्य को नाबालिग को ई-रिक्शा में ले जाते हुए देखा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आनन्द, उसकी मां कलावती, पिता मिजाजी और रंजीत के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान कलावती, मिजाजी और रंजीत के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर तीनों के नाम मुकदमे से निकाल दिए गए, जबकि आनन्द के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र रेखा शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी आनन्द शाक्य को पॉक्सो एक्ट, अपहरण और अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। दोषी को सात साल कैद,40 हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा


