नवाबगंज: नवाबगंज के तीन किशोर अहम, आयुष और सत्यम चार दिन बाद सकुशल घर लौट आए हैं। ये तीनों 30 जून को कोचिंग जाने के बहाने घर से निकले थे और मुंबई में क्रिकेट ट्रायल देने पहुंचे थे। आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें ट्रायल में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद वे वापस लौट आए। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी।
थाना प्रभारी राजीव कुमार ने तीनों किशोरों की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस ने विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
शुक्रवार देर रात सत्यम के भाई शिवम अपने साथियों और कांस्टेबल गौरव चौधरी के साथ कानपुर जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब 9:30 बजे सत्यम ने ट्रेन में एक यात्री के मोबाइल से अपने भाई शिवम को फोन कर बताया कि वे तीनों मुंबई से लौट रहे हैं। यह सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे।
देर रात मुंबई से आई ट्रेन से तीनों किशोर मथुरा स्टेशन पर उतरे। शिवम उन्हें कार से नवाबगंज थाने ले आया। थाने में पूछताछ के दौरान किशोरों ने बताया कि वे क्रिकेट के शौकीन हैं और उन्होंने ऑनलाइन क्रिकेट टीम चयन के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया के लिए उन्हें 2 जुलाई को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पहुंचना था। इसके लिए उन्होंने अपनी पॉकेट मनी से 8 से 10 हजार रुपये जमा किए थे।
किशोरों ने बताया कि 30 जून को वे ई-रिक्शा से हाजियापुर पहुंचे और फिर टैक्सी से कायमगंज रेलवे स्टेशन गए। वहां से ट्रेन द्वारा हाथरस और फिर बस से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में कुछ कपड़े खरीदने के बाद वे ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हो गए।
मुंबई पहुंचकर जब वे ट्रायल सेंटर पहुंचे, तो प्रवेश के लिए आधार कार्ड मांगा गया। तीनों में से किसी के पास आधार कार्ड नहीं था, जिसके कारण
सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। ट्रायल में शामिल न हो पाने से निराश होकर तीनों ने घर लौटने का फैसला किया और ट्रेन से वापस चल पड़े। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि तीनों किशोरों से पूछताछ के बाद उनका मेडिकल कराया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।


