ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिला अस्पताल (Gwalior District Hospital) मुरार में सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों (outsourced employees) का वेतन अटकने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने और 11 माह का एरियर लंबित होने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर काम बंद कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि सभी कर्मचारियों का वेतन आज ही जारी करा दिया जाएगा।
मुरार जिला अस्पताल में राज सिक्योरिटी के माध्यम से करीब 192 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत थे। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी का अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था, लेकिन समय पर नया टेंडर जारी नहीं होने और एजेंसियों को कर्मचारियों की सूची लिखित रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण मई और जून 2026 का वेतन अब तक नहीं मिल सका।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि शासन और श्रम विभाग के निर्देशों के बावजूद 11 माह का एरियर भी लंबित है, जिससे सैकड़ों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर काम बंद कर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों के सामने समस्या रखने के बावजूद समाधान नहीं हुआ, इसलिए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
वहीं इस पूरे मामले में जिला अस्पताल मुरार की सिविल सर्जन डॉ सीमा जायसवाल ने कहा है कि कर्मचारियों की वेतन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सभी का वेतन आज ही जारी करा दिया जाएगा।


