अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन और चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस ने निर्धारित 13 घंटे की कस्टडी रिमांड पूरी होने से पहले ही जिला कारागार वापस भेज दिया। शुक्रवार रात करीब 9:37 बजे उसे दोबारा जेल में दाखिल कराया गया।
पुलिस रिमांड के दौरान जांच टीम ने अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर अयोध्या स्थित उसके आवास समेत उन स्थानों पर छापेमारी की, जहां कथित तौर पर रकम का लेन-देन या बंटवारा होने के आरोप हैं। जांच के दौरान पुलिस ने उसकी ब्रेजा कार भी बरामद करने का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार आरोपी की निशानदेही पर मिली और इससे जांच से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी हाथ लगे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक बरामद साक्ष्यों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
इससे पहले पुलिस आरोपी के कब्जे से 20 लाख रुपये बरामद करने का दावा कर चुकी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गबन की रकम कहां-कहां गई, किन लोगों तक पहुंची और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
रिमांड अवधि पूरी होने से पहले आरोपी को जेल भेजे जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। माना जा रहा है कि आवश्यक पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में वापस भेजा गया।
उधर, मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) भी कर रही है। बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


