फर्रुखाबाद /एटा ।
अलीगंज विधानसभा के ग्राम जिरोलिया से शिव मंदिर होते हुए एसपीएस जूनियर हाई स्कूल तक बनने वाले संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर स्थानीय राजनीति में नाराजगी और चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि जिस सड़क के निर्माण के लिए भाजपा नेता नीरज दीक्षित ने लंबे समय तक संघर्ष किया, उसी सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्हें बुलाना तक उचित नहीं समझा गया।बताया जाता है कि संपर्क मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर भाजपा नेता नीरज दीक्षित ने कई दिनों तक अनशन किया था। आंदोलन के दौरान उन्होंने विरोध स्वरूप अपना सिर भी मुंडवा लिया था। उस समय फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने अनशन समाप्त कराते हुए सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के बावजूद जब लंबे समय तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो नीरज दीक्षित ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। उनके हस्तक्षेप के बाद ग्राम जिरोलिया से शिव मंदिर होते हुए एसपीएस जूनियर हाई स्कूल तक संपर्क मार्ग के नवनिर्माण को स्वीकृति मिली और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।लेकिन सड़क निर्माण के शिलान्यास समारोह में क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जबकि पूरे आंदोलन का चेहरा रहे नीरज दीक्षित को कार्यक्रम में आमंत्रित तक नहीं किया गया। इसे लेकर उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने सड़क निर्माण के लिए भूख हड़ताल की, अपमान और संघर्ष झेला तथा लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने आवाज उठाई, उसी को शिलान्यास से दूर रखना संघर्ष की अनदेखी और राजनीतिक उपेक्षा का उदाहरण है।इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या जनहित के लिए संघर्ष करने वालों को केवल आश्वासन ही मिलता रहेगा, जबकि श्रेय किसी और के हिस्से में जाता रहेगा।


