वाशिंगटन: अमेरिका (US) के ट्रेजरी विभाग ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों के तहत यानी अंतरराष्ट्रीय व्यापार और प्रतिबंध (SDN) सूची में शामिल चार भारतीय कंपनियों को बैन लिस्ट से हटा दिया। अमेरिका के इस फैसले को दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में मजबूती आने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से टैरिफ और कारोबार को लेकर भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था। दोनों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत भी अंतिम दौर में पहुंचती हुई बताई जा रही है।
यह फैसला OFAC की ताजा समीक्षा के तहत लिया गया, जिसमें प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची भी अपडेट की गई। अमेरिका के इस फैसले से दोनों देशों के संबंधों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका के वित्त विभाग ने जिन कंपनियों से बैन हटाया है, उनमें हैदराबाद की RRG Engineering Technologies Private Limited और Lokesh Machines Limited, अहमदाबाद की Galaxy Bearings Limited और दिल्ली की Shaurya Aeronautics Private Limited है।
अमेरिका द्वारा भारत की चार कंपनियों को राहत देने से इन कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और वित्तीय लेन-देन पर पहले से लगी कई पाबंदियां खत्म हो सकती हैं। अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की प्रतिबंध सूची में शामिल चार कंपनियों के लगभग दो साल बाद SDN की लिस्ट से बाहर कर दिया है।
SDN लिस्ट में शामिल होने वाली कंपनियों और व्यक्तियों की प्रॉपर्टी को अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में फ्रीज कर दिया जाता है। SDN लिस्ट में शामिल होने की वजह से इन कंपनियों को अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था और कुछ अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। साल 2024 में OFAC ने 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे। यह आदेश उन कंपनियों या लोगों को टारगेट करता है, जिन पर रूसी सरकार को मदद करने का आरोप लगता है।


