आज से नई व्यवस्था लागू
फर्रुखाबाद। जनपद में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर मैनपुरी जनपद की एक मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को फर्रुखाबाद के आवेदकों के ड्राइविंग प्रशिक्षण और ड्राइविंग टेस्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी हो गई है।एआरटीओ (प्रशासन) कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के इच्छुक आवेदकों को सबसे पहले परिवहन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद आवेदक को एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर अपने दस्तावेजों की स्क्रूटनी, बायोमेट्रिक सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके उपरांत उन्हें टिमरुआ फैक्ट्री के पास स्थित अधिकृत ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र भेजा जाएगा, जहां वाहन चलाने का प्रशिक्षण तथा ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा।उन्होंने बताया कि ड्राइविंग टेस्ट में सफल पाए जाने वाले आवेदकों को नियमों के अनुसार स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी टेस्ट में असफल होता है तो उसे निर्धारित अवधि के बाद दोबारा टेस्ट देने का अवसर मिलेगा।एआरटीओ ने बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और केवल प्रशिक्षित एवं योग्य चालकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना है। इससे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तथा ड्राइविंग कौशल का सही मूल्यांकन किया जा सकेगा। विभाग ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे किसी भी दलाल या बिचौलिए के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से ही आवेदन करें। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान यातायात नियमों का पालन, सड़क संकेतों की जानकारी और सुरक्षित वाहन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।


