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Tuesday, June 30, 2026

केंद्र से उत्तराखंड को ₹7 हजार करोड़ की बड़ी सौगात

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– श्रीनगर बाईपास, लक्सर-पुरकाजी फोरलेन और टनल परियोजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली। उत्तराखंड के सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास को बड़ी गति देते हुए केंद्र सरकार ने लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में श्रीनगर बाईपास, लक्सर-पुरकाजी फोरलेन मार्ग, नई टनल परियोजना तथा नीम करौली धाम तक बेहतर सड़क संपर्क जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से मुलाकात की।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय श्रीनगर बाईपास परियोजना को स्वीकृति देने का रहा। इस परियोजना के पूरा होने से श्रीनगर शहर में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और चारधाम यात्रा सहित पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को तेज एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा लक्सर-पुरकाजी मार्ग को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी भी दी गई है। यह सड़क उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को मजबूत करेगी। परियोजना के पूरा होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों, माल परिवहन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।

केंद्र सरकार ने लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत वाली एक महत्वपूर्ण टनल परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस टनल के निर्माण से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा का समय कम होगा और खराब मौसम के दौरान भी बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में विश्व प्रसिद्ध तक चार लेन सड़क विकसित करने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक सहमति बनी। यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी तथा धार्मिक पर्यटन को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास को लगातार प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही आपदा प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं, व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और धार्मिक पर्यटन को भी नई मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देना है।

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