फर्रुखाबाद। जिले में डेंगू की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे जुलाई माह को ‘एंटी डेंगू माह’ के रूप में मनाया जाएगा। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता एवं स्रोत निस्तारण अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में संचालित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य डेंगू के बढ़ते खतरे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान के नोडल अधिकारी जिला मलेरिया अधिकारी नौशाद अली को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि बरसात का मौसम एडीज मच्छर के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल होता है। ऐसे में डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना और लोगों को जागरूक करना सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने नगर निकाय, पंचायतीराज, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जल संस्थान तथा परिवहन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अभियान में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता एवं डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर, कबाड़ और अन्य जलभराव वाले स्थानों की जांच करेंगे तथा मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों को नष्ट कराएंगे। इस वर्ष अभियान की थीम “जनभागीदारी – जांच करें, सफाई करें और ढंकें” रखी गई है। लोगों से अपील की गई है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने घर और आसपास जमा पानी की जांच कर उसे हटाएं तथा सभी पानी के पात्रों को ढंककर रखें।
अभियान के दौरान विद्यालयों में निबंध, चित्रकला, पोस्टर एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा रैलियां, ग्राम एवं वार्ड स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम, सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए डेंगू से बचाव का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी नौशाद अली ने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है, ताकि फर्रुखाबाद को डेंगू मुक्त बनाया जा सके।


