अयोध्या
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित अयोध्या कूच से पहले मंगलवार को अमेठी और अयोध्या में सियासी हलचल तेज हो गई। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के घरों पर निगरानी बढ़ा दी, लेकिन अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा पुलिस को चकमा देकर देर रात अयोध्या पहुंच गए। उनके साथ जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल और पूर्व विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह भी मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर मंगलवार सुबह गौरीगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय से अयोध्या रवाना होने का कार्यक्रम था। इससे पहले ही पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें घरों से बाहर निकलने से रोका गया, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया।
अयोध्या पहुंचने के बाद सांसद किशोरी लाल शर्मा ने आरोप लगाया कि वह भगवान श्रीराम के दर्शन करने आए थे, लेकिन उन्हें दर्शन नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा, “जो लोग राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी नहीं रोक पाए, वही आज एक हिंदू को भगवान श्रीराम के दर्शन से रोक रहे हैं। आखिर किस परंपरा में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन से रोका जाता है?”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले से ध्यान हटाने के लिए सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
वहीं प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अयोध्या में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया गया और सभी कदम सुरक्षा के दृष्टिकोण से उठाए गए हैं।


