अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। जांच में जुटी पुलिस टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में कई घंटे तक पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। पूछताछ के दौरान चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह की प्रक्रिया और बैंक में राशि जमा कराने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से सवाल किए गए। पुलिस ने ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए हैं तथा पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच के दौरान पुलिस की एक टीम अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा भी पहुंची, जहां राम मंदिर का अधिकृत बैंक खाता संचालित होता है। पुलिस ने बैंक से चढ़ावे के लेन-देन और जमा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक की प्रक्रिया में कहां और किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आठ आरोपियों में छह बैंक के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, जिन्हें चढ़ावे की गिनती और बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन कर्मचारियों की भूमिका और बैंक अधिकारियों की जिम्मेदारी की भी गहन पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में बैंक अधिकारियों समेत कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
उधर, मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों से बढ़ते दबाव के बीच इस्तीफा लिया गया, जबकि इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई में हुई देरी और जांच की प्रक्रिया को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


