अलीगढ़
मथुरा डिपो की एक रोडवेज बस में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बस चला रहे चालक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह स्टेयरिंग पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। चालक के नियंत्रण खोते ही बस अनियंत्रित होकर सड़क की दूसरी लेन में पहुंच गई, जिससे बस में सवार करीब 50 यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। लेकिन बस में मौजूद एक फौजी ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत स्टेयरिंग संभाल लिया और एक बड़े हादसे को टाल दिया।
यह घटना सुबह करीब नौ बजे बेसवां से पहले नगला फोंदा के पास हुई। मथुरा डिपो की बस मथुरा से मुरादाबाद जा रही थी। बस चला रहे चालक गणेश कुमार, जो मथुरा के अडीग क्षेत्र के निवासी थे, अचानक अचेत होकर सीट पर ही निढाल हो गए। चालक के बेहोश होते ही बस अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में दूसरी दिशा की ओर बढ़ने लगी।
इसी दौरान बस में यात्रा कर रहे एक फौजी ने तत्काल आगे बढ़कर स्टेयरिंग संभाल लिया। उन्होंने पूरी कोशिश कर बस को नियंत्रित किया, जिससे बस किसी अन्य वाहन से टकराने से बच गई। हालांकि बस सड़क किनारे लगे एक बिजली के पोल से टकराते हुए चबूतरे पर चढ़ गई। हादसे में पोल क्षतिग्रस्त हो गया और पास में बंधी कुछ गायें भी घायल हो गईं, लेकिन बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों की मदद से चालक गणेश कुमार को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें मंगलायतन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। चालक की अचानक मौत की खबर से परिवहन विभाग के कर्मचारियों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बस को सुरक्षित स्थान पर हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। प्रारंभिक जांच में चालक की अचानक तबीयत बिगड़ने को हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं यात्रियों ने फौजी की बहादुरी और त्वरित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ के कारण दर्जनों लोगों की जान बच सकी।


