फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार नहीं करने वाले ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला आजीविका मिशन क्रियान्वयन एवं अनुसरण समिति की बैठक में उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने बताया कि बीएमएम त्रिवेंद्र गंगवार, वीरेंद्र कुशवाहा, वजैर अहमद, देवेंद्र सिंह और बृजेश प्रजापति अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से नहीं कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बीएमएम को निर्देश दिए कि फैमिली आईडी का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए तथा व्यवसाय के अनुरूप “लखपति दीदी” योजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर समय से उपलब्ध कराई जाए।
डॉ. अंकुर लाठर ने उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को कलेक्ट्रेट परिसर में ‘प्रेरणा कैंटीन’ तथा जिले के सभी विकासखंडों में साधारण कैंटीन स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उपनिदेशक कृषि अरविंद मोहन, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


