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Thursday, June 25, 2026

“बाबूजी ने सिखाया था कि राजनीति सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है”

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– पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ से यूथ इंडिया की विशेष बातचीत

शरद कटियार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जिनकी पहचान केवल चुनावी जीत-हार से नहीं, बल्कि संगठन, कार्यकर्ताओं के विश्वास और जनसेवा से बनती है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ आज भी भाजपा और सामाजिक जीवन में एक प्रभावशाली नाम हैं। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में उनके करीबी नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियों के बाद एक बार फिर उनकी राजनीतिक भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है।

बाबूजी की विरासत, भाजपा का भविष्य, उत्तर प्रदेश का विकास, युवाओं की राजनीति में भागीदारी और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर यूथ इंडिया के संपादक शरद कटियार ने राजू भैया से विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस विशेष साक्षात्कार के प्रमुख अंश—
प्रश्न: सबसे पहले बाबूजी कल्याण सिंह की याद आते ही आपके मन में क्या आता है?
राजू भैया: बाबूजी ने हमें सिखाया कि राजनीति किसी पद या प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। उन्होंने हमेशा कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। जीवन में कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी मिल जाए, लेकिन जमीन से जुड़े रहना और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

प्रश्न: भाजपा लगातार मजबूत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी ताकत क्या है?
राजू भैया: भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पहचान है। संगठन की मजबूती, अनुशासन और राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना ने भाजपा को देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनाया है।
प्रश्न: नई प्रदेश कार्यकारिणी में आपके करीबी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। इसे आप कैसे देखते हैं?
राजू भैया: संगठन में किसी को भी जिम्मेदारी उसकी मेहनत, निष्ठा और कार्यशैली के आधार पर मिलती है। मुझे खुशी है कि समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर मिला है। यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि संगठन की सामूहिक सफलता है।

प्रश्न: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को आप कैसे देखते हैं?
राजू भैया: आज उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था, निवेश, एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने सुशासन को प्राथमिकता दी है और उसका असर दिखाई भी दे रहा है।
प्रश्न: युवाओं को राजनीति में किस सोच के साथ आना चाहिए?
राजू भैया: राजनीति को केवल चुनाव या पद पाने का माध्यम नहीं समझना चाहिए। पहले समाज को समझिए, लोगों की समस्याओं के बीच जाइए और सेवा की भावना से काम कीजिए। ईमानदारी और धैर्य के साथ आगे बढ़ने वाले युवाओं का भविष्य उज्ज्वल है।
प्रश्न: आज सामाजिक समरसता कितनी महत्वपूर्ण है?
राजू भैया: भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और सामाजिक एकता है। हमें जाति, वर्ग और क्षेत्र से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का काम करना चाहिए। विकास तभी संभव है जब समाज एकजुट होगा।
प्रश्न: विपक्ष की भूमिका को आप किस तरह देखते हैं?
राजू भैया: लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सकारात्मक आलोचना और जनहित के सुझाव लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध उचित नहीं है।
प्रश्न: आपके राजनीतिक जीवन का सबसे संतोषजनक क्षण कौन-सा रहा?
राजू भैया: जब भी किसी जरूरतमंद की समस्या का समाधान हुआ, किसी गांव में विकास कार्य पहुंचे या किसी परिवार के चेहरे पर संतोष दिखा, वही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार रहा। जनता का प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
प्रश्न: आने वाले समय में आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
राजू भैया: संगठन जहां जिम्मेदारी देगा, वहां पूरी निष्ठा से काम करूंगा। समाज सेवा, युवाओं को आगे बढ़ाना और विकास के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहना मेरी प्राथमिकता रहेगी।
प्रश्न: यूथ इंडिया के पाठकों के लिए आपका संदेश?
राजू भैया: लोकतंत्र में जागरूक नागरिक और निष्पक्ष पत्रकारिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवाओं से मेरा आग्रह है कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, शिक्षा प्राप्त करें, समाज के लिए काम करें और सकारात्मक सोच के साथ देश के विकास में भागीदार बनें। भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और मुझे उन पर पूरा विश्वास है।

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