– दंगा नियंत्रण की रणनीतियों का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
– सिटी सर्किल के चार थानों की पुलिस ने लिया हिस्सा
– कानून-व्यवस्था बनाए रखने को परखी गई तैयारियां
फर्रुखाबाद। कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में सिटी सर्किल क्षेत्र में व्यापक संयुक्त बलवा ड्रिल आयोजित की गई। ड्रिल में कोतवाली फतेहगढ़, कोतवाली फर्रुखाबाद, थाना कादरीगेट तथा थाना मऊदरवाजा की पुलिस ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
संयुक्त बलवा ड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जवानों को दंगा, बलवा और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली रणनीतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण, उपद्रवियों से निपटने, सुरक्षा घेरा बनाने, बल प्रयोग के निर्धारित मानकों तथा आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई के संबंध में विस्तार से अभ्यास कराया गया।
ड्रिल के दौरान विभिन्न काल्पनिक परिस्थितियां बनाकर पुलिस बल की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया। जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने, उपद्रवियों को सुरक्षित तरीके से काबू करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने मौके की परिस्थितियों का त्वरित आकलन कर निर्णय लेने और टीम भावना के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।
अभ्यास के दौरान बलवा नियंत्रण में उपयोग होने वाले हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, शील्ड, लाठी तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने सभी उपकरणों की कार्यशीलता की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
ड्रिल के दौरान मौजूद अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को अनुशासन, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल का प्रशिक्षित एवं पूरी तरह तैयार रहना आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में आयोजित इस संयुक्त बलवा ड्रिल को जनपद पुलिस की परिचालन क्षमता और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियमित अभ्यास से पुलिस बल की आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ेगी और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।


