ढाका: भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को बड़ी राहत मिली है। शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बांग्लादेश के चुनाव में लड़ने की छूट मिल गई है। बांग्लादेश चुनाव आयोग (Bangladesh Election Commission) ने शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को आगामी पंचायत और निकाय चुनाव में चुनाव लड़ने की सशर्त छूट दी है। यह बांग्लादेश में शेख हसीना की वापसी का रास्ता भी हो सकता है।
बता दें कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके कारण पार्टी 2026 के आम चुनाव में शामिल नहीं हो पाई थी। हसीना के समर्थकों का आरोप है कि अमेरिका के इशारे पर यह तख्तापलट हुआ था। अब आवामी लीग के नेताओं को चुनाव लड़ने की छूट मिल गई है।
दरअसल बांग्लादेश में इस साल के आखिर में पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव आयोग की कोशिश इसी समय निकाय चुनाव कराने की भी है। बांग्लादेश के पंचायत और निकाय चुनाव के प्रभारी मंत्री फखरुल इस्लाम आलमगीर के मुताबिक इस साल के आखिर तक सभी जगहों पर चुनाव करा लिए जाएंगे। चुनाव आयोग ने आवामी लीग (AL) के नेताओं से कहा है कि आप अगर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आपको एक हलफनामा दाखिल करना होगा। इसमें बताना होगा कि आप किसी ऐसे संगठन से नहीं जुड़े हैं, जिस पर प्रतिबंध लागू है और जो देश विरोधी है। हलफनामा देने के बाद उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए जाएंगे।
बांग्लादेश की आजकेर पत्रिका के मुताबिक शेख हसीना की पार्टी पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा है। इसके बावजूद उसके नेताओं को चुनाव में लड़ने की इजाजत दी गई है। चुनाव आयोग ने बीएनपी के नरम रुख को देखते हुए यह फैसला किया है। कहा जा रहा है कि बीएनपी का एक धड़ा आवामी लीग को चुनाव में उतरने देने के पक्ष में है।
बीएनपी चाहती है कि आवामी लीग के बेदाग छवि वाले नेता चुनाव में उतरे, जिससे आने वाले वक्त में आवामी लीग 2 धड़ों में बंट जाए। हाल के दिनों में बांग्लादेश में कई मौकों पर आवामी लीग के नेताओं को एकजुट होते देखा गया है। हालांकि, कुछ नेताओं का मानना है कि इससे आने वाले समय में आवामी लीग बांग्लादेश में फिर से मजबूत हो सकती है।


