फर्रुखाबाद
शमशाबाद कस्बे में बुधवार सुबह राज्य कर विभाग (जीएसटी) की टीम ने शंख छाप तंबाकू कारोबारी कृष्ण गोपाल रस्तोगी तथा उनके मुनीम अखिलेश मिश्रा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब छह बजे लखनऊ नंबर की 22 गाड़ियों का काफिला कस्बे में पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
राज्य कर विभाग की टीम ने मोहल्ला प्रधानिया स्थित कृष्ण गोपाल रस्तोगी के आवास, तंबाकू गोदाम, फैजाबाग रोड, खानपुर तथा मोहल्ला बाग स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ जांच शुरू की। अधिकारियों ने खाता-बही, बिल-बुक, लेन-देन रजिस्टर, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। इसके साथ ही गोदामों में रखे तंबाकू और अन्य माल का भौतिक सत्यापन कर स्टॉक का मिलान किया गया।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी विस्तार से जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कारोबारी प्रतिष्ठानों में होने वाले लेन-देन, कर भुगतान और स्टॉक संबंधी अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति को अंदर-बाहर आने-जाने पर भी नजर रखी गई।
छापेमारी की सूचना फैलते ही कस्बे के व्यापारी वर्ग में बेचैनी बढ़ गई। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें देर से खोलीं, जबकि कुछ दुकानदारों ने एहतियातन शटर आधे बंद रखे। तंबाकू और परचून कारोबार से जुड़े व्यापारी अपने दस्तावेज व्यवस्थित करने में जुट गए। पूरे दिन बाजार में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही।
रस्तोगी के आवास और गोदामों के बाहर सुबह से ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा रही। मोहल्ला प्रधानिया की गलियों में असामान्य सन्नाटा दिखाई दिया। लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और पूरे कस्बे की नजर राज्य कर विभाग की टीम की गतिविधियों पर बनी रही।
विभागीय अधिकारी देर शाम तक जांच में जुटे रहे। हालांकि राज्य कर विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय और कर संबंधी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शमशाबाद के व्यापारी वर्ग में भय और सतर्कता का माहौल है। व्यापारियों के बीच यह चर्चा भी रही कि विभाग की निगाह अब अन्य प्रतिष्ठानों पर भी पड़ सकती है। फिलहाल पूरे मामले में राज्य कर विभाग की जांच जारी है और व्यापारी वर्ग आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।


