लखनऊ। अयोध्या के चर्चित चढ़ावा एवं दान प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी ) को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वह मामले से जुड़े साक्ष्य जांच टीम को उपलब्ध कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें अब तक मिलने का समय नहीं दिया गया।
संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में ई-मेल और पत्र के माध्यम से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन एसआईटी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि जांच एजेंसी ने उन्हें अपने पक्ष और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों और सार्वजनिक बयानों को ध्यान में रखते हुए वह जांच में सहयोग करना चाहते थे तथा अपने पास उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों को SIT के समक्ष रखना चाहते थे। इसके बावजूद उन्हें समय नहीं दिया गया।
संजय सिंह ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच टीम न तो राम भक्तों की भावनाओं के अनुरूप काम कर रही है और न ही निष्पक्ष जांच की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT का गठन वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय कुछ लोगों को बचाने के उद्देश्य से किया गया है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष है तो उन्हें बुलाकर उनके पास उपलब्ध साक्ष्य लिए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर SIT उन्हें मिलने का समय क्यों नहीं दे रही है और उनके पत्राचार का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उधर, एसआईटी की ओर से संजय सिंह के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच टीम ने हाल ही में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है।


