लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में दर्ज एक आपराधिक मामले को लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हत्या के प्रयास के मामले में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के बजाय पुलिस ने उल्टे पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही क्रॉस एफआईआर दर्ज कर दी।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि इसके अगले ही दिन पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर पीड़ित के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर मामले को नया मोड़ दे दिया। इससे क्षेत्र में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मुख्य आरोपी हंसराज रावत के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई। वहीं दूसरे पक्ष की तहरीर पर कारोबारियों के खिलाफ हमला और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मामले को लेकर स्थानीय व्यापारियों और पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, पुलिस का पक्ष इस संबंध में सामने आना अभी बाकी है। किसी भी आरोप की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


