लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासत और तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि जनता को हर दिन यह बताया जाना चाहिए कि जांच कहां तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह केवल पैसों का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
जारी बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अयोध्या में चढ़ावे, दान और शिलाओं से जुड़े विवादों ने देशभर के श्रद्धालुओं को झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण के बाद अयोध्या आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या पर भी असर पड़ा है, जिससे स्थानीय व्यापार और आम लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथित लापरवाही का खामियाजा अयोध्या की जनता क्यों भुगते।
सपा प्रमुख ने कहा कि अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच आक्रोश और अविश्वास का माहौल बन रहा है। जांच की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी न मिलने से संदेह और बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जांच एजेंसियां प्रतिदिन प्रेस ब्रीफिंग कर जनता को बताएं कि मामले में क्या कार्रवाई हुई और किन तथ्यों का खुलासा हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया अयोध्या दौरे पर भी कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि जांच को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल औपचारिक बयान नहीं, बल्कि ठोस जवाब चाहती है।
अपने सबसे तीखे बयान में अखिलेश ने कहा कि “दूध का दूध, पानी का पानी” वाली कहावत अब पर्याप्त नहीं है। जनता चाहती है कि “सोने का सोना और चांदी का चांदी” सामने आए। मंदिर में चढ़ाए गए नकद दान, बहुमूल्य धातुओं, जेवरों और अनमोल शिलाओं का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सभी सवालों का जवाब मिल सके।


