फर्रुखाबाद। कायमगंज के मुख्य चौराहे पर ताजिया स्थापित किए जाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों का आरोप है कि हर वर्ष मुख्य चौराहे पर ताजिया रखे जाने के कारण लगभग 26 घंटे तक चारों दिशाओं से आने-जाने वाले प्रमुख मार्ग बाधित रहते हैं, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कायमगंज का यह चौराहा क्षेत्र का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण करीब 268 गांवों की जनता प्रभावित होती है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को झेलनी पड़ती है। कई बार आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
विहिप के प्रांत मंत्री अखिलेश मिश्रा और जिला संरक्षक दिनेश मिश्रा ने कहा कि धार्मिक आयोजनों का सम्मान सभी को है, लेकिन किसी भी आयोजन के कारण आम जनता के आवागमन को लंबे समय तक बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों और चौराहों पर कब्जे जैसी स्थिति बनने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और हिंदू समाज में भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
पदाधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों का भी हवाला दिया, जिनमें सार्वजनिक स्थानों और सड़कों को लंबे समय तक अवरुद्ध न करने की बात कही गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ताजिया को मुख्य चौराहे से हटाकर किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर स्थापित कराया जाए, जिससे धार्मिक परंपराएं भी बनी रहें और आम जनता को भी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रशासन को समय रहते इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए, ताकि भविष्य में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। विहिप और बजरंग दल ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से जनहित में आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ऋषभ दुबे, साहिल मिश्रा, प्रदीप सक्सेना, योगेंद्र प्रताप, अनुज श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।


