लखनऊ। संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसस (पीजीआई) को 87 नए डॉक्टरों की नियुक्ति का बड़ा तोहफा मिला है। यह कदम संस्थान में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियुक्त किए गए चिकित्सकों में 3 प्रोफेसर, 8 एसोसिएट प्रोफेसर और 76 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। लंबे समय से विभिन्न विभागों में शिक्षकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों के कारण चिकित्सा सेवाओं और शैक्षणिक गतिविधियों पर दबाव बना हुआ था।
नई नियुक्तियों से संस्थान के विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होगा। मरीजों को परामर्श, उपचार और जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वहीं मेडिकल शिक्षा और शोध कार्यों को भी नई गति मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से पीजीआई में बढ़ते मरीजों के भार को संभालने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सुपर स्पेशियलिटी उपचार सेवाएं और अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
संस्थान प्रशासन का कहना है कि नई नियुक्तियों से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी पीजीआई की क्षमता मजबूत होगी। यह फैसला प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


