– 3400 किलो अचार नष्ट
गाजियाबाद। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध अचार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। एक फैक्ट्री तो पशुओं के तबेले में संचालित की जा रही थी, जहां बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में अचार तैयार किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जब फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तो वहां अचार निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले नींबू बड़ी मात्रा में सड़े हुए पाए गए। अधिकारियों के अनुसार अचार बनाने के लिए रखे गए कच्चे माल की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसका सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता था।
निरीक्षण के दौरान करीब 20 बड़े ड्रमों में रखे आम और नींबू से तेज दुर्गंध आ रही थी। टीम को संदेह हुआ कि लंबे समय से खराब और सड़े हुए फलों का उपयोग कर अचार तैयार किया जा रहा था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए।
कार्रवाई के दौरान लगभग 3400 किलोग्राम संदिग्ध और खराब गुणवत्ता वाले अचार को नष्ट कराया गया। विभाग का कहना है कि यदि यह अचार बाजार में पहुंच जाता तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।
अधिकारियों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित इकाइयों के लाइसेंस, उत्पादन प्रक्रिया और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों के उत्पादन में स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता, निर्माण स्थल और लाइसेंस संबंधी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


