बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। 5 मई 2026 से प्रारम्भ हुई बाबा अचानकनाथ महाराज की 41 दिनों की धूनों कीे तपस्या के पूर्ण होने पर बाबा अचानकनाथ महाराज के दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर स्थित आश्रम में विशाल हवन व भंडारे का आयोजन किया गया। तपस्या पूर्ण होने के अन्तिम दिन बाबा अचानकनाथ महाराज के आश्रम में अनेकों साधु-संतों व दिल्ली एनसीआर के आये भक्तों का जमावड़ा लगा और भक्तों ने बाबा व अन्य साधु-संतो का आर्शीवाद लिया। आश्रम में सर्वप्रथम हवन का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने किसानों की सुख, समृद्धि व उनके निरोग जीवन की कामना के साथ हवन कुंड़ में आहुतियां डाली। बाबा अचानकनाथ महाराज ने आश्रम में आये सभी साधु-संतों व अतिथियों का स्वागत-सतकार किया। इसके उपरान्त उपस्थित भक्तों ने बाबा अचानकनाथ का फूलमाला पहनाकर अभिनन्दन किया और उनकों उपहार भेंट किये। बाबा अचानकनाथ ने बताया कि उनकी यह तपस्या किसानों की सुख-समृद्धि, लोगों के उद्धार, बच्चों के कल्याण के लिए है। उनकी यह तपस्या प्रकृति को समर्पित है। बताया कि यह प्रकृति ही हमें सब कुछ प्रदान करती है है। बाबा ने बताया कि उन्होने गुफा वाले बाबा से तपस्या का शुभारम्भ किया था। इसके बाद नेथला, फैजुल्लापुर, निनाना, खेडा, खामपुर, लुहारी, ढ़िकाना, मलकपुर, लायन, सिनौली, नंगला, सबगा, ककौर, तिलवाड़ा, हैवा, लूम, किरठल, बूढ़पुर, माजरा, कंडेरा, बामनौली, बिजरौल, बड़ावद, गुराना, पुट्ठी, हिलवाड़ी, बदरखा, शिकोहपुर, अलावलपुर, क्यामपुर, गाधी, लधवाड़ी सहित 34 विभिन्न स्थानों पर और 7 तपस्या आश्रम परिसर में पूर्ण की। कहा कि गुरू गोरखनाथ जी व गुफा वाले बाबा की कृपा से तपस्या निर्विघ्न पूर्ण हुई जिसमें सभी भक्तों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। बाबा अचानकनाथ ने तपस्या पूर्ण होने पर तपस्या में सहयोग करने वाले भक्तों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुरेशनाथ व सुदेशनाथ महाराज, नित्यानन्द गिरी महाराज, पाताल गंगा के रूद्रागिरी जी महाराज, डाक्टर राजीव कुमार, महेन्द्र सिंह, रमेश कुमार, पंड़ित मोहन शर्मा, पत्रकार विपुल जैन बागपत, शोकेन्द्र, विनोद, युद्धवीर सबगा, संदीप कुमार सहित 41 तपस्थान के श्रद्धालुओं और दिल्ली एनसीआर के भक्तों ने शिरकत की।
बाबा अचानकनाथ महाराज की 41 दिनों की तपस्या पूर्ण होने पर लगा भक्तों का जमावड़ा


