लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने की राजनीति कर रहा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने राजनीतिक शिष्टाचार और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कमजोर किया है तथा सार्वजनिक जीवन में असंसदीय भाषा के प्रयोग को बढ़ावा दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपनी राजनीतिक संस्कृति में भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखी है। उन्होंने दावा किया कि सपा ने कभी भी विरोध की राजनीति में मर्यादा की सीमा नहीं लांघी, जबकि भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता न केवल विपक्षी नेताओं का सम्मान नहीं करते, बल्कि ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जिसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा शासन में धार्मिक नेताओं का भी सम्मान सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्यों का भी अपमान हुआ है और समाज के विभिन्न वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्गों को व्यापक भागीदारी और प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को 2027 से पहले लागू करने की मांग भी की।
इस दौरान अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उपयोग की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के आग में नष्ट होने की खबरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं संदेह पैदा करती हैं और जनता स्वयं इन घटनाओं का मूल्यांकन करने में सक्षम है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।


