नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए ) ने परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए परीक्षा की अवधि बढ़ाकर 195 मिनट कर दी है। इसके साथ ही प्रश्नपत्र बुकलेट में रफ वर्क के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।
एनटीए के इस फैसले का उद्देश्य अभ्यर्थियों को प्रश्नों को अधिक ध्यानपूर्वक पढ़ने, समझने और हल करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है और छात्रों की लंबे समय से यह मांग रही है कि उन्हें प्रश्न हल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा अवधि बढ़ने से छात्रों पर मानसिक दबाव कम होगा और वे जल्दबाजी में होने वाली गलतियों से बच सकेंगे। वहीं रफ वर्क के लिए अतिरिक्त स्थान मिलने से भौतिकी और रसायन विज्ञान जैसे विषयों के संख्यात्मक प्रश्न हल करने में भी सुविधा होगी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है। हर वर्ष लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए गए ये बदलाव परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों ने भी एनटीए के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि अतिरिक्त समय मिलने से अभ्यर्थियों को अपने ज्ञान और तैयारी का बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल समय बढ़ाने से ही परीक्षा की सभी चुनौतियां समाप्त नहीं होंगी, लेकिन यह कदम निश्चित रूप से छात्रों के तनाव को कम करने और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक संतुलित बनाने में मददगार साबित होगा।
नीट यूजी में किए गए इन बदलावों को लेकर देशभर के छात्रों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे परीक्षार्थियों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।


