नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों और मानव तस्करी को लेकर बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। साझा सीमा पर बेहतर खुफिया जानकारी साझा करने, समन्वित गश्त बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर संयुक्त कार्रवाई को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है।
संयुक्त बयान के अनुसार सीमा पर तैनात भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत किया जाएगा। दोनों देशों ने अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की पहचान एवं वापसी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।
पिछले कुछ समय से अवैध प्रवासियों के मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बांग्लादेश की ओर से सीमा पार भेजे जा रहे लोगों को लेकर आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं। अब नई सहमति को सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी। भारत ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा पड़ोसी देशों के साथ समन्वय के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान किया जाएगा।


