मेरठ/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को मेरठ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मेरठ में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं के परिवार और बेटियों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इसे राजनीतिक शिष्टाचार और सामाजिक मूल्यों पर हमला बताया।
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि राजनीति में विचारों और नीतियों पर संघर्ष होना चाहिए, लेकिन परिवार की महिलाओं और बेटियों को विवाद में घसीटना लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कृत्य है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी रहा।
यह मामला अब केवल सोशल मीडिया विवाद नहीं रह गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े सियासी मुद्दे का रूप लेता दिखाई दे रहा है। विपक्ष इसे भाजपा समर्थक तत्वों की नकारात्मक राजनीति बता रहा है, जबकि दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नेताओं के परिवारों को लेकर की जाने वाली टिप्पणियां अब राजनीतिक दलों के बीच नए टकराव का कारण बनती नजर आ रही हैं।


