– रिहायशी बस्तियों पर बमबारी में 13 नागरिकों की मौत
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ने लगा है। अफगानिस्तान के पूर्वी क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों की है, जिससे पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
तालिबान प्रशासन का आरोप है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने उन इलाकों को निशाना बनाया जहां आम नागरिक अपने परिवारों के साथ रह रहे थे। हमले के बाद कई मकान मलबे में तब्दील हो गए और राहत-बचाव दलों को घंटों तक मलबे से लोगों को निकालने में जुटना पड़ा।
अफगान अधिकारियों के अनुसार मरने वालों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इस घटना के बाद तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। काबुल ने चेतावनी दी है कि नागरिक आबादी पर इस तरह के हमले क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान द्वारा की गई यह कार्रवाई सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ अभियान का हिस्सा हो सकती है। हालांकि अफगानिस्तान का कहना है कि आतंकियों के नाम पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी आने के संकेत मिल रहे हैं। पहले से ही सीमा विवाद, घुसपैठ और सुरक्षा मुद्दों को लेकर तनाव झेल रहे दोनों पड़ोसियों के बीच यह ताजा घटनाक्रम नए कूटनीतिक संकट का कारण बन सकता है।
मध्य एशिया के इस संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।


