मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के सेवानिवृत्त न्यायाधीश (Retired Judge) गौतम पटेल और उनका परिवार इस समय एक गहरे संकट में है। उन्हें और उनके परिवार को पिछले करीब 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय के 2024 के उत्तराधिकार विवाद मामले में फैसला सुनाने वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम पटेल है। भारत से लेकर ब्रिटेन तक लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय इस्लाम के शिया संप्रदाय की मुस्तअली इस्माइली शाखा से जुड़ा एक धार्मिक समुदाय है।
लंदन में रह रही उनकी बेटी को धमकी भरा लेटर मिला है। ब्रिटेन पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार लंदन में रहने वाली अदिति पटेल को 5 जून को एक गुमनाम लेटर मिला। बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले करीब 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। दाऊदी बोहरा समुदाय इस्लाम के शिया संप्रदाय की मुस्तअली इस्माइली शाखा से जुड़ा एक धार्मिक समुदाय है। दुनिया भर में इस समुदाय की आबादी लगभग 10 लाख के आसपास बताई जाती है, जिसमें भारत सबसे बड़ा केंद्र है।
भारत के कई बड़े शहरों में बड़ी संख्या में दाऊदी बोहरा रहते हैं। बोहरा समुदाय का सर्वोच्च धार्मिक प्रमुख दाई-अल-मुतलक कहलाता है। सैयना मुफद्दल सैफुद्दीन को समुदाय का 53वां दाई-अल-मुतलक वर्तमान में माना जाता है। साल 2014 में 52वें धर्मगुरु सैयद मोहम्मद बुरहानुद्दीन के निधन के बाद उत्तराधिकार को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हुई।
बार एंड बेंच और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस पटेल ने अगस्त 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर फैसला सुनाया था। पूर्व जज का दावा है कि यह घटनाएं 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए उनके फैसले से जुड़ी हैं।
जज से मांग की जा रही है कि वे एक वीडियो रिकॉर्ड करके अपना फैसला वापस लें और दावा करें कि उन्हें यह ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया। लंदन में रह रही उनकी बेटी अदिति पटेल को 5 जून को एक गुमनाम लेटर मिला, जिसमे लिखा था कि अगर जस्टिस पटेल अपने अप्रैल 2024 के अपने फैसले को यूट्यूब वीडियो के जरिए सार्वजनिक रूप से वापस नहीं लेते है तो पूरे परिवार सहित उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।


