फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा सोमवार से जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा में आठ जिलों के 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जबकि प्रवेश प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरू की गई।
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर सघन जांच की गई। सबसे पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की गई, उसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन पूरा होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। शहर के बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर जांच की गई, वहीं महिला अभ्यर्थियों को कानों की बालियां तक उतरवानी पड़ीं।
नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में 380 अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की गई। यहां सुबह नौ बजे तक भी सड़क पर लंबी कतारें दिखाई दीं। पुलिसकर्मी सड़क पर ही आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच कर रहे थे, जबकि कॉलेज गेट पर मेटल डिटेक्टर से जांच और अंदर बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया जारी रही।
प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई, जबकि दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक होगी। परीक्षा संचालन के लिए 560 कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि 74 निरीक्षकों को आरक्षित रखा गया है। कक्ष निरीक्षकों को भी केंद्र में प्रवेश से पहले आधार कार्ड और पुलिस द्वारा जारी पहचान पत्र दिखाने के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ा।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हरदोई से आए जयसिंह ने बताया कि सुबह रोडवेज बस नहीं मिलने पर उन्हें निजी कार से आना पड़ा। मैनपुरी के नितेश यादव रात एक बजे ही फर्रुखाबाद पहुंच गए थे और बस स्टेशन पर रात बिताई। वहीं दिल्ली से आए विकास पाल ने बताया कि वह निजी नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और ट्रेन से परीक्षा देने पहुंचे हैं।
पुलिस भर्ती परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।


