प्रभारी मंत्री की आढ़ लेकर खुलेआम नगर में विवादित जमीनों के खेल में जुटा नया सिंडिकेट
=कुख्यात तेल माफिया के खेल में फंसे भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह राठौर
=सिंडिकेट संभाल रहे साथी नेता शंकर सिंह के षणयंत्र में राज्य सरकार के मंत्री तक हो रहे बदनाम
यूथ इंडिया। फर्रूखाबाद
आवास विकास कालौनी के निकट नेकपुर कलां स्थित खरीदी गई करीब चार बीघा भूमि को लेकर शुरू हुआ नंगनाच अब प्रशासन राजनीति दोनों में चर्चा का बड़ा विषय बना है। जिस जमीन पर अवैध प्लाटिँग और निर्माण को लेकर कई वर्षो से झगड़े और प्रशासनिक कार्यवाही प्रभावी थी वह जमीन भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह राठौर और उनके सिंडिकेट के हाथ जाने के बाद अब सरकार तक बदनाम होने लगी है। सर्किट हाउस से लेकर सोशल मीडिया तक राठौर के वेहद करीबी कहे जाने वाले राज्य के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री तक बदनामी के घेरे में है।
करीब एक वर्ष पूर्व शमसाबाद में अवैध रूप से वायोडीजल पंप के जरिए किसानों को फर्जी डीजल और पेट्रोल की बिक्री के मामले में हुई छापेमारी के दौरान शहर के राजीव गांधी नगर निवासी पवन कटियार व पंकज पुत्रगण भानुप्रताप सिंह पर जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। लिए गए सेंपल भी विधि विज्ञान प्रयोगशाला में फेल होकर बापस आने के बाद कार्यवाही की राह देख रहे है।
शातिर दिमाग पवन कटियार व उसके भाई समेत रिश्तेदार अनिल कटियार चंदू जोकि माफिया अनुपम दुबे के फाइनेंसर के रूप में काम करते रहे। उन्होने अवैध प्लाटिंग से मोटा मुनाफा देने के नाम पर भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह राठौर व उनके अति करीबी सहयोगी प्रदीप सिंह उर्फ शंकर सिंह व पूरे सिंडिकेट को अपने जाल में फंसा यह जमीन सौंप दी। बता दें कि तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट संजय वंशल द्वारा इस जमीन पर पूर्व में बुलडोजर चलाया जा चुका है। इसके बाबजूद सत्ता का हवाला देकर राजपूताना गु्रप ने इस जमीन का सौदा करते हुए पवन कटियार व उनके भाई और समधी को अपने सिंडिकेट में शामिल कर लिया।
पहले से ही रास्ते के विवाद को लेकर यहां कई लोगों में विवाद था करीब दो माह पूर्व वह विवाद फतेहगढ सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री व जनप्रतिनिधियों के सामने भी आया। महिलाओं ने भाजपा नेताओं का खुला विरोध कर जमकर यहां हंगामा काटा क्योंकि रास्ते का विवाद करने वालों पर भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह राठौर एवं शंकर सिंह द्वारा कई फर्जी मुकदमें लगवाये गये थे। उन मुकदमों में जमीन के रास्ते के विवाद में आपत्तिकर्ताओं के बच्चें और महिलाओं तक को अभियुक्त बनाया गया था। यह बात स्थानीय विधायक को भी नागवार गुजरी थी लेकिन मामला प्रभारी मंत्री के करीबियों का था जिस कारण वह भी चुप्पी साधे रहे। बात यहीं खत्म नही हुई पूरा सिंडिकेट अब इस जमीन के रास्ते पर विवाद करने वालों को मुकदमें लिखवाने से लेकर धमकियां और रेकी करने में पीछे नही हैं।
बता दें कि इस पूरे खेल में भाजपा नेता वीरेन्द्र सिंह राठौर के करीबी शंकर सिंह को एक कीमती भूखण्ड भी दिया गया जिस पर बिना नक्शा पास खुलेआम मकान भी बनाया गया। हांलाकि बात शासन तक पहुंचने के बाद नगर मजिस्ट्रेट पारूल तराल ने बीते दिनों मौके का भौतिक निरीक्षण करने के बाद भाजपा नेता प्रदीप सिंह उर्फ शंकर सिंह समेत तेल माफिया पवन व पंकज कटियार को भी नोटिस देकर जवाव के लिए ४ मई तारीख मुकर्रर की थी हांलाकि उन नोटिसों का जवाव देने के लिए आरोपी नहीं पहुंचे क्योकि उनके ऊपर सत्ता का हाथ है पूरे मसौदे में कुल मिलाकर सरकार बदनाम हो रही और माफिया मौज कर रहे। इस मामले में जब सम्बंधित भाजपा नेताओं से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होने फोन नही उठाये।


