फर्रुखाबाद।बद्रीनाथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के जनपद आगमन पर सनातन धर्मावलंबियों में भारी उत्साह देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं जगद्गुरु शंकराचार्य ने विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव एवं मां शीतला का पूजन-अर्चन कर राष्ट्र कल्याण, सनातन धर्म की रक्षा और गौ माता के संरक्षण का संदेश दिया।
शंकराचार्य का काफिला सबसे पहले ऐतिहासिक पांडेश्वर नाथ मंदिर, पांडा बाग पहुंचा, जहां उन्होंने भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई पूजा में उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, सनातन संस्कृति की रक्षा तथा गौ माता के संरक्षण की कामना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके बाद वह सेंट्रल जेल चौराहा स्थित बिजाधरपुर पाल नगला के शिव शक्ति मंदिर पहुंचे, जहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर धर्म और संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान कोतवाली फतेहगढ़ के सामने भी उनका भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ पुष्पमालाएं अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद शंकराचार्य मिलिट्री मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्रदान किया।
इसके उपरांत उनका काफिला भोलेपुर स्थित ब्रह्मदत्त अवस्थी के आवास के बाहर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के समक्ष मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
यात्रा का अंतिम प्रमुख पड़ाव बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर रहा। यहां जगद्गुरु शंकराचार्य ने मां शीतला की पूजा-अर्चना कर जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
पूरे प्रवास के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन जीवन दर्शन की आधारशिला हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह गोवंश संरक्षण के लिए आगे आए और आने वाली पीढ़ियों को भी इसके महत्व से अवगत कराए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण व्यवस्था है, जिसमें प्रकृति, पशु-पक्षी, गौ माता और मानवता सभी के प्रति करुणा और संरक्षण का भाव निहित है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सचिन कटियार, डॉ. दीपक द्विवेदी, आचार्य पी.एम. शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीपक दुबे, प्रवीण उपाध्याय एडवोकेट, समाजवादी नेता सरल दुबे, विजय यादव, राजेश मिश्रा, सुमित कटियार, अंकित तिवारी, पंडित सर्वेश शुक्ला, राजन दुबे सहित सैकड़ों सनातन समर्थक उपस्थित रहे।
शंकराचार्य के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विभिन्न स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी की गई। प्रशासन की मुस्तैदी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
जगह-जगह हुए स्वागत, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गौ रक्षा के संकल्प ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनपद में सनातन चेतना और धार्मिक आस्था का उत्साह आज भी पूरी मजबूती के साथ मौजूद है।


