बरेली। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओपी वर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वर्ष 2019 में बरेली में एडीएम सिटी के पद पर तैनाती के दौरान एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और फर्जी मुकदमे में जेल भिजवाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।
आरोप है कि तत्कालीन एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने एक कर्मचारी को अपने चैंबर में बुलाया और उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उसके खिलाफ फर्जी बयान दर्ज कराकर उसे जेल भिजवाने की साजिश भी रची गई।
मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। उपलब्ध साक्ष्यों और प्रकरण के परीक्षण के बाद सीजेएम कोर्ट ने आईएएस अधिकारी को तलब करने का आदेश जारी किया है। अदालत के इस कदम के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आरोप एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर लगे हैं। आमतौर पर प्रशासनिक अधिकारियों पर लगे ऐसे मामलों में न्यायिक कार्रवाई दुर्लभ मानी जाती है, लेकिन अदालत द्वारा तलब किए जाने के आदेश ने पूरे प्रकरण को नई गंभीरता प्रदान कर दी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत में पेशी के दौरान आईएएस अधिकारी की ओर से क्या पक्ष रखा जाता है और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।


