लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जून महीने से बिजली बिल पर बढ़ने वाले अतिरिक्त भार को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि बिजली उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा नया बोझ दरअसल “इलेक्शन सरचार्ज” है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जून से बिजली का बिल देखकर लोगों की आंखों के आगे अंधेरा छा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बिजली बिल के जरिए 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का खर्च जनता से वसूलना चाहती है।
सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि यह कोई सामान्य बढ़ोतरी नहीं, बल्कि “इलेक्शन सरचार्ज” है। उनका दावा है कि बिजली बिल में बढ़ाया गया बोझ सीधे जनता की जेब पर हमला है और इसका फायदा सत्ता पक्ष की राजनीतिक रणनीतियों को मिलेगा।
दरअसल उत्तर प्रदेश में जून माह से बिजली उपभोक्ताओं पर ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस ) के तहत लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त भार डाले जाने की खबर सामने आई है।
यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल ) द्वारा लागू किए गए इस अधिभार को बिजली उत्पादन और खरीद लागत में बढ़ोतरी से जोड़ा जा रहा है। हालांकि विपक्ष इसे महंगाई के दौर में आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिजली, पानी, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़े राजनीतिक हथियार बन सकते हैं। ऐसे में बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर सपा ने अभी से भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।


