लखनऊ। प्रमुख औद्योगिक विकास संस्थाओं में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी तबादला आदेश के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नई तैनाती की गई है।
तबादला सूची में उप महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक, सहायक निदेशक, विशेष कार्याधिकारी, सहायक प्रबंधक, लेखाकार, निजी सचिव, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक स्तर तक के अधिकारियों को शामिल किया गया है। शासन के इस कदम को औद्योगिक विकास संस्थाओं में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबादलों में सबसे अधिक चर्चा विजय कुमार रावल की तैनाती को लेकर है। उन्हें यूपीसीडा से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उप महाप्रबंधक (सिविल) के पद पर भेजा गया है। खास बात यह है कि कुछ समय पूर्व ही उनका तबादला नोएडा प्राधिकरण से यूपीसीडा किया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए ग्रेटर नोएडा भेज दिया गया है।
इसी क्रम में सत्येंद्र गिरी को नोएडा से यमुना प्राधिकरण, धर्मेंद्र कुशवाहा को यूपीसीडा से नोएडा, राजीव कुमार को यूपीसीडा से ग्रेटर नोएडा तथा फिरोज अहमद को यूपीसीडा से यमुना प्राधिकरण में तैनात किया गया है। इन तबादलों को आगामी विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रबंधक (सिविल) के पद पर कार्यरत नरोत्तम का तबादला नोएडा प्राधिकरण कर दिया गया है। नरोत्तम इससे पहले भी नोएडा में जूनियर इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, इसलिए उनकी वापसी को लेकर भी विभागीय हलकों में चर्चा बनी हुई है।
औद्योगिक विकास संस्थाओं में हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रदेश सरकार की प्रशासनिक पुनर्संरचना का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों के बाद विभिन्न प्राधिकरणों में चल रही विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।


