फर्रुखाबाद। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [भाकपा (माकपा)] के नेतृत्व में सोमवार 1 जून को जिलाधिकारी कार्यालय, फतेहगढ़ पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। राज्यव्यापी अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे तथा जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे।
पार्टी के जिला महासचिव कामरेड सुनील ने बताया कि वर्तमान समय में आम जनता महंगाई, बिजली संबंधी समस्याओं और किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों से जूझ रही है। इन्हीं समस्याओं को लेकर भाकपा (माकपा) लंबे समय से संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों में व्यापक असंतोष है, इसलिए पार्टी स्मार्ट मीटर व्यवस्था को वापस लेने और बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। पार्टी इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने की मांग कर रही है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
भाकपा (माकपा) की प्रमुख मांगों में प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना भी शामिल है। इसके अलावा किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, श्रमिकों के हितों की रक्षा करने तथा नए लागू किए गए चार श्रम संहिताओं को समाप्त कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग भी उठाई जाएगी।
कामरेड सुनील ने बताया कि प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों, मजदूर संगठनों तथा आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि जनता के मुद्दों पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा ।
स्मार्ट मीटर, बिजली निजीकरण और महंगाई के खिलाफ भाकपा (मार्क्सवादी) धरना-प्रदर्शन आज


