– अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन में शामिल होंगे अधिवक्ता जवाहर सिंह गंगवार
फर्रुखाबाद। जनपद के प्रख्यात साहित्यकार, अधिवक्ता एवं हिंदी भाषा के समर्पित प्रचारक जवाहर सिंह गंगवार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और हिंदी का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। हांगकांग के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र मकाऊ में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन में उनकी सहभागिता तय हुई है। इस उपलब्धि से साहित्यिक और बौद्धिक जगत में खुशी की लहर है।
जवाहर सिंह गंगवार लंबे समय से हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और वैश्विक स्तर पर साहित्यिक संवाद को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इससे पहले भी वह मिश्र (मिस्र), दुबई, भूटान, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर और मॉरीशस जैसे देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।अब तक 10 देशों में वो हिंदी की आवाज बुलंद कर चुके हैं।
उनकी विशेष पहचान हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ “वैश्विक विकास में विज्ञान और संस्कृति का योगदान” विषय पर किए गए शोधपरक विचारों के कारण बनी है। विभिन्न देशों में आयोजित सम्मेलनों में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय पर अपने विचार प्रस्तुत कर हिंदी को वैश्विक विमर्श का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मकाऊ में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों से हिंदी साहित्यकार, शिक्षाविद, शोधकर्ता और भाषा विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन में हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार, नई तकनीक के युग में हिंदी की भूमिका, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
जवाहर सिंह गंगवार ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और विचार परंपरा की वाहक है। आज विश्व के अनेक देशों में हिंदी के प्रति बढ़ती रुचि इस बात का प्रमाण है कि भारतीय भाषाओं की वैश्विक स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मकाऊ सम्मेलन में भी वह हिंदी के अंतरराष्ट्रीय महत्व और विज्ञान, संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों के बीच संबंधों पर अपने विचार रखेंगे।
जनपद फर्रुखाबाद के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां का एक साहित्यकार लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी का परचम लहरा रहा है। साहित्यिक संगठनों, अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने जवाहर सिंह गंगवार को सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं देते हुए इसे जनपद के सम्मान से जुड़ी उपलब्धि बताया है।
हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार की दिशा में जवाहर सिंह गंगवार की यह नई यात्रा न केवल फर्रुखाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के हिंदी प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।


