कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तेज आंधी, भारी बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई। कोलकाता, हावड़ा और हुगली समेत कई जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, सड़कें जलमग्न हो गईं और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सरकार (government) ने हादसों पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन सड़कें साफ करने और यातायात सामान्य करने में जुटा हुआ है।
शुक्रवार दोपहर को कोलकाता में अचानक मौसम ने करवट ली। साल्ट लेक, दमदम, जादवपुर, एस्प्लेनेड और बारानगर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलीपुर मौसम विभाग के मुताबिक, अलीपुर में हवा की रफ्तार 88 किमी प्रति घंटा और दमदम में 74 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।
तूफान के कारण कई मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहीं। खुदीराम मेट्रो स्टेशन की छत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि साउथ सिटी मॉल में पानी घुसने से कांच के पैनल टूट गए। रासबिहारी एवेन्यू, पार्क स्ट्रीट, टॉलीगंज और एजेसी बोस रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा।
खराब मौसम का असर हवाई और रेल सेवाओं पर भी पड़ा। कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। वहीं, मध्यमग्राम और कटवा रेल सेक्शन में पटरियों पर पेड़ गिरने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के छह जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों तक तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।


