फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत मसेनी में विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति एवं जलज परियोजना के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि पृथ्वी पर जीवन की विविधता और प्राकृतिक संतुलन के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष विश्व जैव विविधता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना” रखी गई है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि तेजी से विलुप्त होती प्रजातियों को बचाना, पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने आसपास के वातावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए जल संरक्षण, वृक्षारोपण और वन्य जीवों की सुरक्षा जैसे कार्यों में भागीदारी करें।
कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटिहार ने कहा कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों के बावजूद मानव जीवन पूरी तरह प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर है। भोजन, पानी, दवाइयों, कपड़ों और ईंधन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए प्रकृति ही सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अत्यधिक उपयोग के कारण वातावरण का तापमान लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को संसाधनों का सीमित उपयोग कर प्रकृति संरक्षण की दिशा में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर शिवम तिवारी सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग एवं युवा मौजूद रहे।


